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अज्ञानरुपी तम आशा की बात दुखों की बात दशहरा-दुर्गा पूजा स्वर्ण सवेरा क्याहैकुंठा-घुटनक्याहैव्यथा-निराशा उत्कृष्ट अधर्म का गहन तम अज्ञान रूपी तम सकल प्रकृति संघर्षहीजीवनकासारबाकीसबमिथ्याव्याभिचार। ज्ञान का प्रकाश सबके ही कल्याण की अज्ञान का तम न हों निराश सब ऋतुएं बहुत जरूरी हैं गहन उदासी नियोजित नई शुरुआत ग़म मिट जाते हैं सतत् बदलती

Hindi गहन तम Quotes